Bhopal tragedy 3 दिसंबर 1984 की भोपाल की गैस लीक का बात

3 दिसंबर 1984 को भोपाल में हुई घटना बड़ी दर्दनाक घटना थी जो कि भारत में एक पहली बार ऐसी घटना हुई जहां पर कभी भी भारत में ऐसी घटना नहीं हुई यह घटना बड़ी घटना था भारत के लिए जो की घट गया लेकिन लोगों को पता नहीं था कि इस तरह से हमारी मौत हो जाएगी यह किसी को पता नहीं था लेकिन एक रात ऐसी ए तीन दिसंबर को रातों में ऐसे मिठाई आइसोजिट नामक एक रासायनिक पदार्थ उसमें कीटनाशक बनाने वाला कुछ चीज थी जो एक इंजीनियर ने वह पानी को साफ करने के लिए कोई अपना स्विच चेंज किया तो उसके बाद पानी निकलता है क्या वहां पर गैस निकलता रहा और इस गैस से मिठाई सुसाइड गैस में नमक गैस निकल गया जिसकी कारण बहुत ही लोगों का मौत हो गई

इस मोड में में कारण है लोगों को छुपाना की इस गैस इतना डेंजर है नहीं यह बात बार-बार बताता रहा भोपाल गैस कंपनी में यूनियन केस कंपनी का काम बहुत छुपाया और उसके बाद है लोगों को बताया कि यह इतना डेंजरस है

कितने लोग वहां पर उसे रात जानते गवा बैठे हो तो कितने लोग वहां पर रेलवे स्टेशन पर जाकर के रेलवे को ढूंढते रहे और वहां पर भी कितने लोग मारे गए तो कई लोग अस्पताल भी पहुंच गए लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद भी डॉक्टर को पता नहीं था कि क्या हुआ है इनको और क्या नहीं है उसके बारे में जाने के लिए ट्रैक्टर में भी फोन किया भोपाल गैस फैक्ट्री को लेकिन वहां पर भी पता चला कि भोपाल गैस यूनियन में यह बताया कि ऐसे कुछ बड़ी चीज नहीं है जो आप लोगों को खेती पहुंच सकेगा लेकिन लोगों ने तो आंखों में जलन होने जैसे पेट दर्द जैसे बीमारी बताकर हॉस्पिटल पहुंच गए इस चीज को देखते हुए डॉक्टर ने पूछा तो कंपनी वालों ने बुलाया ऐसा कोई बात नहीं आंखों में पट्टी पट्टी लगा दो उसके बाद कुछ नहीं होगा लेकिन यह सब करके डॉक्टर ने बहुत बार कोशिश कर लिया लेकिन कुछ नहीं हुआ उसके बाद उन्होंने बाहर से एक डॉक्टर मांगे और उनसे भी देखा गया की मेडिसिन दिया जिसकी मशीन के आने पर ही लोगों का हालत चेंज नहीं हुआ उसके बाद उनका वही भेज दिया और भारत की अलग-अलग शहरों में बुलाया गया डॉक्टर को और उनको भी पूछा गया उनको भी इलाज करने के लिए बोला होगा इलाज करें तो पता चला तो कंपनी वालों ने कुछ नहीं था उसके बाद कंपनी वालों ने फिर कहा कि इस चीज ऐसे ही हो गया जिसकी कारण हम लोगों को पतानहीं तो उसके बाद थे लोगों ने फिर मिठाई सुसाइड की काटने वाला मेडिसिन जो की एक डॉक्टर ने लाया और उसके बाद उनको दिया तो फिर ठीक हुए ठीक होने के बाद वह अच्छे से भी ठीक नहीं हो पाए तो कितने लोग मौत भी हो गए हैं ऐसे ही भोपाल गैस की कुछ चीजथी

भोपाल गैस में चार से 5000 लोग मौत हो गया तो कितने लोगों को विकलांग भी हो गए तो कितने लोग जहर लाइसेंस झुकना होकर जिंदगी को दर्द के बीतते गए तो कितने दिनों तक बच गया और उसके बाद ही उनका मत हो गया और एक व्यक्ति जो रेलवे स्टेशन पर काम करता था उनका भी बहुत बड़ी रोल था कि वहां पर जितने भी लोग आ रहे थे और इतने ट्रेन आ रहा था उनको जल्दी-जल्दी भाग रहा था और उसे आदमी ने ऐसा काम किया और अपने आपको सब दिखाते हुए 2003 तक अपने अपन को जिंदा रख दिया और उसके बाद उसे चीज बताता है इस चीज को कुछ डॉक्टरों ने बुक में लिखते हुए पता चलता है

धन्यवाद

Leave a Reply

Discover more from today special news

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading