आपकी बचपन का याद दिलाने के लिए हम इस माध्यम से आपको बताना चाहते हैं की बचपन किस तरह से गुजर गया है

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गुजर गया बचपन का किस तरह से गुजर गया याद करिए इस तरह से

आपकी बचपन में जो क्या हुआ हरकतें आप लोगों को तुम याद ही होगा क्योंकि आपकी हरकतें आपकी याद में इतने सारे कुछ होता है कि आपकी मन में रह जाता है और आपकी आंखों के आगे रह जाता है जो हर पल आपको याद दिलाता रहता है कि आपके बचपन का किस तरह से गुजरा था और आपकी बचपन का टाइम किस तरह से बीता था वही सब आप लोगों को याद कर देता था लेकिन वह टाइम आप आ गया है क्योंकि जब आप बड़े हो जाते हो तो आपकी बचपन को भूल जाते हो लेकिन वही बोलने की बातों को आओ को याद दिलाने के लिए हम इस माध्यम से बताना चाहते हैं कि आप बड़े जाते हैं तो हम वह बचपन का याद करके किस तरह से बचपन का खुशी ले सके इसमें बताएंगे पहली बात तो आप जहां पर रह रहे हैं वहीं पर आप देखिए चारों तरफ वहां पर एक अलग से नजर आएगा लेकिन जब जहां पर पहले रहते थे जिस घर में रहते थे वही घर पर एक बार चल जाइए लगेगा कहां अलग से दुनिया में चलाया लगेगा लेकिन वह घर में बदल गया है चारों दिशाएं लग गया है लेकिन वह चीज नहीं बदली जो बचपन में हुआ था लेकिन हर चीज बदल गया लेकिन यह सब आपको लगेगा लेकिन यह सब चीज बदल गया है आप जो झोपड़ी घर में रहते थे आप वह पक्के घर बना लिया है वही पक्की वह पर जो देखा एक बार लगेगा कि कहीं अलग सीख रहे पर चलाए लगेगा लेकिन वह बचपन का आधार हो की बचपन बचपन ही होता है और वही झोपड़ी घर झोपड़ीघर होता है

अब जब झोपड़ी घर में जाते हैं तो एक अलग सीन महसूस होता है लेकिन आप जो वही झोपड़ी घर के बाहर करके एक दूसरे पक्के घर बनाते हैं और वही पक्के घर पर जाते हैं तो एक अलग से महसूस होता है क्योंकि वही जगह नहीं बदल सकता लेकिन वही जगह को बनाकर एक अलग से से बना देते हो जिससे आपको एक सेक्सी लगता है लेकिन फिर भी वह पक्की जगह पर जाते हो तो बस लगता है कि जैसे कहीं अलग से ग्रह पर चलाया लेकिन वह झोपड़ी वाला याद नहीं लगता और वह दोस्त और वह परिवार जहां आदमी पड़ोसी थे वह भी अलग-अलग पर चले गए होंगे लगता है जैसे हर लोग हमसे छोड़ गए नया रिश्ता आ गया यानी नया पड़ोसी बन गए फिर और जहां पर पहले थे वहीं पर लोग तो कार्यक्रम जगह पर रिसिप्ट होंगे फिर उन लोगों को आपको याद करना पड़ेगा रोल लोगों को देखोगे की याद करने के बाद भी बोलो आपके साथ एक साथ नहीं मिल सकते हैं क्योंकिवही बचपन अरे नहीं आ सकता है

आपका बचपन का स्कूल टाइम और आपका बचपन का खेल कूद टाइम किस तरह से देता है

आपका स्कूल टाइम बचपन का और आपका खेल कुत्ता है एक अलग से है जब आज वह चीज नहीं है क्योंकि वह टाइम ऐसी थी कि आपको हर रोज टाइम मिलती थी खेलने के लिए हर रोज आपको कहीं ना कहीं है जो अलग करके आया है वह मोबाइल की तौर पर लोग प्यार छोटे-छोटे बच्चे बर्बाद हो रहे हैं लेकिन वह खेल कुछ नहीं खेल रहे हैं कि अक्सर यह सब चीज हो रहा है देखेंगे आप लोग जब छोटे थे तो आपसे कितने कितने अच्छे-अच्छे खेल था कितने अच्छे-अच्छे जहां पर आप खेल सकते थे एक दो बार पड़ जाते तो भी आपकी हाथ और पर नहीं बनता था लेकिन आप इतने सारे का पेड़ बन गया है कि कहीं पर एक बार गिर जाओगे तो आपका हाथ भी टूट जाएगा इस तरह से बन गया है हमारा आज का दुनिया जो बचपन को दुनिया को छोड़कर वह आज का दुनिया बन गया क्या करें दुनिया तो दुनिया हम भी बदलते जा रहे हैं की कारीगरों के हिसाब से आपके वहां पर कितनी जहां पर थे वहां पर कितने सारे पेड़ थे और वह पेड़ नहीं है कितने सारे आपका टाइम पर पक्षी आपके घर के अंदर रहते थे दोपहर नहीं रहे हैं कैसा है गैलेक्सी महसूस हो रहा है वह सब चीज नहीं मिलता इसलिए सब चीज हो रहा है याद करें आपकी बचपन को एक बार एक कागज के अंदर लिखिए और एक बार पड़े देखेंगे आपकी लिखा गया वह बचपन का यादें आपको एक बार जरूर रुलाई देगा जरूर एक बार लिखकर पढ़िए धन्यवाद

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