
भारत में किस-किस तरह से यह मुरमुरा को खाया जाता है
भारत एक ऐसा देश है इस जगह पर हर चीज का एक अलग से रूप धारण करके खाया जाता है इसलिए मुरमुरा को एक बेहतरीन चीज से बनाकर इसे खाया था जिसे कोई लोग इसे पढ़ाई करके तो कहते हैं तो कोई लोकेशन ट्राई करकेखांस
कौन सी जगह पर किस तरह से इस चीज को कहते हैं
हर जगह इस मोहम्मद रफी के तरीके से कहते हैं क्योंकि उसमें मुझे खाने में जो मजा है और कहीं मैं हूं क्योंकि उसे मोड में इतने सारे गेम कि आप जिस तरह से खाओगे इस तरह से आपको अच्छा लगेगा क्योंकि यह बनाना चाहता है तो आप एक अलग टाइप सी बनाकर दिखाइए तो अच्छा लगेगा नहीं तो आपको पछतावा होगा इस मुरमुरे की टेस्टी ना खाने की वजह से इसलिए जब भी आप मुरमुरे खाएं तो अलग-अलग टाइप से कहेंगे तो आपका अलग-अलग महसूस होगा और इसके बारे में पता चलेगा और जब भी इस मूड में को खाने का मन करे तो आप सो जाकर खाना बना कर खाने का सोच ले जैसे की हल्दीराम कंपनी ने इस मोड में लिखो भी एक टाइम के मुरमुरे बन चुके हैंतो
मुरमुरे को बनाने का तरीका
पहले इस मुरमुरे को बनाने के लिए लोग क्या करते हैं कि पहले चावल को लाकर के उसे धोते हैं धोने के बाद किसने नमक की पानी लगते हैं नमक लगाने के बाद उसे भेज देते हैं भट्टी के अंदर बेटी में से गुलाब वाला करके दो-तीन बार अलग कर जाता है फिर उसे लेकर सुखाएगा सूखने के बाद फिर से मुरमुरा के रूप में भाग जाता है जिसकी फ्री किया जाता है तब जाकर कैमरा रेडी होता है और आपकी पास पहुंचता है और आप इस मूड में रखो अलग-अलग टाइप से कहते हैं कहां से मुहावरा बनता है
