
भारत में किस तरह से अभी ग्रीन एनर्जी की पापुलैरिटी बोढ रही है
भारत एक आत्मनिर्भर देश बनना चाहता है और ग्रीन एनर्जी को अपनाना चाहता है जो हर हाल में अपने खुद का चीज खुद ही व्यवहार करना जानता था और इस चीज को आने वाले समय में अपने हिस्से का एक अस्तित्व और एक अहम हिस्सा बनाएगा जिसे खुद का कमाई खुद का चीज से होगा किसी की चीज को लेकर के इनका कमाई नहीं खुद खुद से जो हमेशा खुद का चीज से बनेगा खुद व्यवहार करेगा हर वह जो बचेगा उसे बाहर भेज कर पैसा कमेगा यही सोच हमेशा भारत रखता था और अब यह चीज को बढ़ावा दिया जा रहा है यह चीज़ भारत के अंदर हर लोगों की बीच लाने के लिए श्री नरेंद्र मोदी जी ने यह एक बहुत बड़ी सामना करने को लड़ पड़े हैं जिससे आने वाले समय में बहुत बड़ी मार्केटिंग होगा इस सोलर पैनल का और इस सोलर से जो बिजली निकलेगा वही इसमें बिजली को लेकर के आने वाले समय के लिए एक इतिहास बन जाएगा और इस बिजली से जैसे ग्रीन एनर्जी मिलता है वही चीज हमेशा ही भी मोटर में लगता है जैसे कि वर्तमान टीवी मोटर एक आत्म निर्भर सिल्वर भारत बने गायक चीज है जैसे कि अपना देश का इलेक्ट्रिक अपने देश की स्कूटी को यानी अपने देश का मोटर कर चलते हैं लेकिन बाहर से आउटपुट नहीं करना पड़ता है पेट्रोल को इस चीज कोबनाया है भारत फिर दूसरी तरफ पेट्रोल में 20% जब एथेनॉल में लेने की भी कोशिश किया था तब भी सामना करना पड़ा किस तरह से गाड़ियों को एक मॉडिफाई की तरह कहा जाएगा जिसे इंजन 20% इथेनॉल की जरिए भी चल सकता है और आने वाले स्थिति में तो इसे 50% भी करना चाहेंगे क्योंकि खुद का देश का तेल से बनेगा और अपना भारत की अपना आत्मनिर्भर भारत बन जाएगा
