
क्यों होता है चंद्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण इसलिए होता है कि जब चंद्र सूर्य और पृथ्वी एक ही स्थिति में आ जाते हैं वह एक ही बोल है या नहीं एक ही रेखा में आ जाते हैं तो उसके एक तरह होने से यह ग्रहण लगता है जैसे सूरज जी की किरण को पृथ्वी में ना पकने की क्षमता रखता है यहां पर चांद है जैसे चंद्र सूर्य को ढक लेता है तो उसकी हालात नहीं पड़ता पृथ्वी पर इसलिए इसे चंद्र ग्रहण कहते हैं
सूर्य ग्रहण कब देखने को मिलता है
सूर्य ग्रहण सिर्फ अमावस्या के दिन ही होता है क्योंकि हिसाब से पृथ्वी और चंद्र और सूर्य की एक ही रेखा में आ जाते हैं जिसके कारण सूर्य की अलग पृथ्वी पर नहीं पड़ता जब चंद्र सूर्य के आगे रह जाता है इसे चीज को कहते हैं सूर्य ग्रहण जो कि सिर्फ अमावस्या की दिन होता है लेकिन यह हर अमावस्या में नहीं होता सिर्फ एक दो अमावस्या में होता है साल में एक दो बार ऐसा ही होता है तो कहीं जगह पर इसका प्रभाव पड़ता है तो कई जगह पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता जैसे कि वर्तमान की समय में जो सूर्य ग्रहण होगा वह भारत में नहीं होगा वह अलग कई देशों में होगा जो कि भारतीय लोगों को घबराना नहीं चाहिए कि भारत में भी सूर्य ग्रहण हो सकता है नहीं होगा
सूर्यग्रहण इस बार कहां-कहां पर होगा इसके 21 सितंबर को
सूर्य ग्रहण भारत में इस बार नहीं होगा 21 सितंबर को क्योंकि भारत लोगों को नहीं घबराना चाहिए अलग कहीं देश में हो सकता है चंद्र ग्रहण भारत में इस बार नहीं होगा क्योंकि विज्ञानों की मानना है कि इस बार अलग देश में होगा चंद्रग्रहण
