
पहले से बिगड़ी हुई इंडिया और अमेरिका की टैक्स बढ़ावा और ई पर आज आने वाली खबर को लेकर के दोनों देश में एक अलग-अलग गलतियां भाव खिली हुई थी लेकिन अभी की टाइम पर जब अमेरिका की सरकार ने बताया कि भारत की सरकार को भारत सरकार नहीं होगा तो हम मुश्किल में पड़ जाएगा लेकिन इस चीज को देखते हुए अमेरिका क्रिकेटर डाउनलोड हमसे दोस्ती कर लो हम तो आपने अपना अपना काम करेंगे और दोनों दोस्त में व्यापार में अच्छा करेंगे लेकिन कोई कहे तो हमने क्या सोचेंगे अपने हिसाब से परसेंट ज्यादा नहीं रखेंगे टैक्स कम कर लेंगे इसलिए करके अमेरिका की सरकार ने बोल दिया फिर उसके बाद मोदी जी ने फिर रिप्लाई कर दिया कि यह भारत और अमेरिका एक नेचुरल फ्रेंड बोलकर मान लिया
भारत को राम के साथ मिलना है यह सही था या गलत था अब वह कमेंट में जरूर रखना चाहिए क्योंकि अमेरिका जैसे हिसाब से भारत टीम के लिएचीज बेचने के लिए जिस प्रकार से टैक्स लगाया गया था उसे टैक्स को देखते हुए भारत की लोग क्या कहना चाहेंगे आप लोग इस माध्यम से कमेंट में बताना चाहेंगे तो बता सकते हैं क्योंकि अमेरिका इस तरह से नहीं करना चाहिए था लेकिन वह कर दिया फिर उसके बाद माफी मांग के भारत को हमसे में एक साथ मिलने के लिए बोल रहा लेकिन इस चीज को लेकर के भारतीय सरकार मूवी ने यह सही किया या गलत हमारे हिसाब से यह सही क्या क्योंकि जो गलतियों का एहसास हो गया जिनका होना चाहिए भी क्योंकि भारत में ऐसा राष्ट्र है जिसके साथ नहीं खड़ा होगा उसका कुछ ना कुछ बिगड़ा ही जाए क्योंकि भारत में है इतना आधुनिक तरीके टेक्नो को इस्तेमाल किया जाए कि वह रसिया चीन जैसे देश के साथ मिलकर ब्रिक्स के साथ ब्रेक का ई को बढ़ावा देने के लिए तीनों देश यदि अमेरिका की करेंसी बहुत नीचे में चल जाएगा क्योंकि जब दो-तीन बड़े-बड़े देश यानी भारत चीन रूस जैसे देश एक कंट्री को बढ़ावा देने के लिए जाएंगे तो उसके बाद एक बड़ा कंट्री गिर जाता है इसी चीज को देखते हैं डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी फैसला लिया फिर भारत को अपना मित्र बनाया है
भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ना लड़ना के बाद फिर भारत फ्रांस से युद्ध जहाज खरीदना यह अमेरिका को अच्छा नहीं लगा पाकिस्तान को लेकर के भारत में झगड़ा लगाया फिर झगड़ा को पता चला जब भारतीय लोगों को तब फ्रांस से मंगाया युद्ध जहाज अमेरिका से नहीं मंगाया तो उसने उनके व्यापार को देखते हैं उन्हें हमारे भारत किस चीज पर अमेरिका में ज्यादा से ज्यादा टैक्स में खरीदना क्या फैसला किया फिर उसके बाद हर चीज में बैन लगना शुरू कर दिया ऐसी चीज को देखते हैं भारत सरकार ने भी यह चीज करना शुरू कर दिया था लेकिन शुरू हुई होने से पहले अमेरिका समझ गया कि क्या होगा आखिरकार जब तीनों देश एक साथ मिल जाएंगे तो वृक्ष को पावर बढ़ा देंगे हम तो निकले में चले जाएंगे इस चीज को देखते हैं डोनाल्ड ट्रंप आगे आए और भारत को गले लगाने के लिए तैयार हो गए
क्या भारत और रूस चीन मिल करके एक ब्रेक काम बड़ा आबादी सकते हैं वृष स क्या ई को यह क्या सच है हां यही सच है क्योंकि जब बड़े-बड़े देश एक साथ रहकर के 1 घंटे को बढ़ावा देने के लिए सोचते हैं तो वहीं पर हो उसका पर बढ़ जाता है और वह बेटा बार-बार बन जाता है क्योंकि हर चीज का लेनदेन यानी हर चीज का व्यापार वहीं से शुरू हो जाता है वहीं पर खत्म होता है लेकिन अमेरिका ने तो हाथी पर कर दिया खुद ही चीजों में टैक्स बढ़ावा दिया तो कुछ ही चीज में टैक्स घटना के बजे ट्रैक्टर लगाना दिया फिर जहां तेल लाना था वहीं पर भी टैक्स लगा दिया जहां कुछ भी चीज लाने से ज्यादा से ज्यादा टैक्स लगता है तब फैसला क्या रूस और चीन जैसे देश के साथ मिलकर के कुछ ना कुछ योजना बनाते हुए फिर हर चीज का मांग करना तीनों देशों में अपने आप पर एक योजनाएं संतुलन करना बहुत जरूरी बनाना है उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप क सही नहीं जा रहा था क्योंकि इन तीनों देश का मिलन उनको सही नहीं लग रहा था इसलिए नाटक हमने फिर से भारत को हाथ मिलाने की सोच में पड़ गया और उसके देखते हैं भारत सरकार ने मोदी जी ने भी बताया कि यहचीज खोना नहीं चाहिए क्योंकि जो खो जाता है और सो जाता है इसलिए कोई भी मित्र बनाना आए तो उसे मित्र बना लेते हैं कोई दुश्मन हो रहा है तो उसे बचपन की तरह देखेंगे भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र है जो हर व्यक्ति को हर प्रकार की हिसाब से देखा है जो जैसे दिखेगा उसे ऐसे ही देखे गए भारत है कि ऐसा रास्ता है हिंदू राष्ट्र
धन्यवाद जय भारत
