
नवा खाई भारत में उड़ीसा राज्य की संबलपुर साइड से मनाते हैं वेस्टर्न उड़ीसा में मनाते हैं नया खाएगा मतलब है नया जहां का आरंभ करना खाना
नवा खाई मैनपुर पर यह पर्व पलते हैं नया धान को खाने के लिए जो खेती करते हैं चाची लोग वह फसल अच्छे होता है या अच्छे नाही होता है फसल को करते हुए आगे बढ़ता है जो फसल की शुरुआती पर उसके बीच निकलना शुरू हो जाता है उसके नया धान के रूप में खाने के लिए यह फेस्टिवल माना जाता है क्योंकि यहां ज्यादा से ज्यादा चाहते रहते हैं इसलिए यहां यह फेस्टिवल माना जाता है
नूआ खाई कैसे पलते हैं
नुआ खाई वेस्टर्न उड़ीसा यानी पश्चिम ओडिशा में एक पर्व के रूप में मानते हैं और इस पर में पहले लेकर जो खेती करते हैं यहां पर ज्यादा से ज्यादा खेती करने वाला लोग रहते हैं इसलिए वह खेती करने वाले लोग पहले जाते हैं जब खेत में ज्यादा से ज्यादा धान उग जाता है वहीं खेत से धन आदि हैं उसे दिन नौकरी के दिन और वहीं धान को लगा करके घर में भगवान को चढ़ा कर उसे दिन अच्छे से घर में तीन-चार प्रकार के आइटम करके इसमें भाग दली खाता और कितने-कितने चीज है जो बनाते हैं मिट्टी पान खाते हैं उसे दिन पिता और क्या-क्या बनाते हैं और नया शर्ट पैंट लाकर के वह नया सरपंच को उसे मां का एक दिन पहनते हैं
सब लोग का करके अपने अपने लोगों को मार खाई जौहर के रूप में रहते हैं और हर अपने से ज्यादा उम्र के लोगों को प्रणाम करते हैं उसे दिन बहुत बढ़िया अच्छा लगता है उन लोगों को फिलिंग्स होता है और आप नहीं फेस्टिवल हो बोल करके अलग से फिलिंग्स आता है यह वहां खड़ी होता है गणेश चतुर्थी के बाद के दिन होता है इस दिन अपने इष्ट देव की पूजा करके मार खाई किया जाता है
इसमें खाने में मन करके झांसी करने वाली खेती करने वाले लोग रहते हैं जो कि उड़ीसा की आधा लोग खेती करते हैं उसे चलते हैं आप लोगों को पता होगा कि संबलपुर की साइड से जो खेती कर रहे हैं वही को पलते हैं
धन्यवाद
