Oghari baba work in samsan mahakal tipe क्या है अघोरी अघोरी का काम क्या है अघोरी रहते हैं कहां

पोखरी बाबा रहते हैं भारत की कुत्ता ऐसे इंसान रहना डरावनी से लगता है क्योंकि यह है हिंदू धर्म की कुछ हिस्सा जिससे लोगों आम लोग रह नहीं सकते उनकी तरह और उनकी जगह पर इन्होंने रहते हैं स्मशान घाट पर जहां पर मुर्दों को चलाया जाता है वहीं पर इन लोन रहते हैं इसलिए इनको अघोरी कहा जाता है आखिरी का नाम है ना डरना ना कुछ करना इनका काम सिर्फ मुसलमान में रहना होता है

ओघरी बाबा का काम क्या है

ओ हरि बाबा का काम मेहनत काम है श्मशान घाट पर रहना और इनका काम सिर्फ महाकाल कौन सपना होता है महाकाल और पार्वती की तपस्या में जुड़े रहते हैं और इन्होंने खाना पीना ऐसा कहते हैं कि कोई आंचल को का नहीं सकता जो मरा हुआ लोगों का खोपड़ी का जाते हैं उनका मांस खा जाते हैं गू खा जाते हैं इन्होंने कुछ खाने के मिले तो ठीक है ना मिले तो ऐसे ही रह जाते हैं कि उन्होंने कहीं दिन तक ना खाते हुए भी जिंदगी गुजार लेते हैं और इन्होंने अपने आप को पिंडदान देते हुए समर्पित देते हैं कि हम मर गए या मरे हुए उनका मतलब है या जिंदा है कुछ पता नहीं अपने आप को समर्पण कर देते हैं मरे हुए बोलकर और इन्होंने महाकाल की पूजा करते हैं

आघरी बाबा हर दिन शमशान का ताज है जलाए हुए मुर्दा का भस्म अपने बड़ी में लगाते हैं जो किया एक डरावनी बात है लेकिन यह अपने लिए एक बड़ी बात है क्योंकि उनका लगाना सही मानते हैं और इसमें भगवान शिव महाकाल के रूप में आते हैं उनका दर्शन देते हैं इनका मानना यही है और हाथों में भी वह लोग सूरज देख सकते हैं और दिन में चांद दिख सकते हैं तारे दिख सकते हैं यही उनका एक बड़ी बात है और लोगों का मरा हुआ शरीर को भी आपने बस में कर लेते हैं या नहीं जलाया हुआ इसी को ले जाते हैं और खा जाते हैं

आघरी बाबा आत्माओं से मिलते हैं क्योंकि इन्होंने इस संसार में रहते हैं इसलिए आत्माओं से मिलते हैं और आत्माओं से बात भी करते हैं आत्मा उसे संभोग की भी क्या करते हैं इसलिए इनका महाकाल का दर्शन होता है महाकाल के जैसे बात करते हैं जैसे सिर्फ जैसे काम करते हैं इनका भी वही काम हैश्मशान में और माता पार्वती काली के रूप में यहां आते हैं और दर्शन देकर गए सिद्ध करते हैं अपनी शक्तियों का अघोरी बाबा में शक्तियां प्रदान करती हूं आखरी बाबा ने शक्ति लेकर के अपने बस में एक आलोक सिंह काम करते हैं उनका रहना सिर्फ मकान में और चाहिए पर देखते हैं कहीं पर रह जाता है

हर इनका मानना है कि इन्होंने मरा हुआ लोगों के आत्माओं से बात करते हैं उनके साथ रहते हैं उनके साथ रहना उनका अच्छा लगता है और इन्हें में उनसे बात भी करते हैं और उनको अपने बस में कर लेते हैं यही उनका में बात है और जिन जिन का मौत ना होकर भी हो जाता है एक्सीडेंट या उनकी समय में इसलिए उसकी आत्मा भटकता रहता है उसे आत्माओं जब अपने इच्छाएं पूरी न होते उसे हिसाब पूरी करने के लिए लोगों को या लड़की लड़का उनका करके वह करते हैं इसी चीज को न करने के लिए वह अघोरी लोग बाबा कहते हैं उन्होंने अपने बस में कर सकते हैं

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