

भारत एक ऐसा देश है जो हर चीज में अपना कुछ ना कुछ तैयार करता रहता है जिससे लोगों और सरकार के कुछ आमने-सामने के बाद ही आती है जैसे लोगों का सुंदर सरकार का विरोध करते हुए जीएसटी का लागू हो जाती है इसलिए लोगों की मन में बड़ी सी डरावनी और पैसा जीतने वाले बाद आ जाते हैं क्योंकि जीएसटी की बात आए तो लोगों को सिर्फ पैसा देना पड़ेगा और हर चीज में महंगाई बढ़ेगा इसलिए लोगों का कहना है कि जीएसटी बढ़ेगा तो हम हमारी हर चीज का की मदद बढ़ जाएगा
सच में जब जीएसटी बढ़ता है तब गरीब लोग पहुंचे थे नाम से रहते हैं क्योंकि आप मेरे लोग तो पैसा कमा के अपना काम चला देंगे क्योंकि पैसा कमाएंगे फिर उसका जीएसटी भरेंगे लेकिन जब आम आदमी जीएसटी देता है हर चीज में उस लिस्ट लगता है जैसे की किसी चीज का जैसे पहले समोसा खाएगी परी जीएसटी लगेगा क्योंकि समोसा खाने से पहले जो आता है उसे तो टैक्स लगाया गया होगा फिर उसके आगे जहां से पैसा है वहां पर फिर टैक्स लगाया गया होगा फिर जो आता है बीच जहां से लाया गया गेहूं वहां से फिर टैक्स लगाया गया होगा गेहूं के बाद फिर आता है किस जिसकी सामने से उगाया होगा उसमें जो फर्टिलाइजर गेहूं का बिहार में लाया हुआ उसमें फिर देख लिया होगा इसी तरह बार-बार आम आदमी टैक्स देता रहता है इसके कारण आम आदमी परेशान हो जाता है
और कितना पर्सेंट जीएसटी भारत में लागू की गई है
05%/12%/18%/28%
इस हिसाब से भारत में जीएसटी खबर रहती हालत हम दिखाई दे रही है जिसके कारण आम जनता असंतोष दिखाई दे रहे हैं
हर चीज का कीमत देखते हुए सरकार को भी है फैसला लेना चाहिए क्योंकि हां लोगों के लिए जीएसटी सही नहीं है किन लोगों के लिए सही है वह तो लोगों को पता होगा कि जिन्होंने पैसा ज्यादातर कमाते हैं उनको जस्ट लेना चाहिए लेकिन आम जनता को जबरदस्ती लगता है बहुत दुख का होता है आम जनता बार-बार भी है जीएसटी देते हो खुद का पसीना छूट जाता है ₹300 लेकर आएगी हर चीज में स्थित देगा तो कैसे चलेगा वह इसलिए जीएसटी बना दो मजदूर करता है मजदूर करके जितना काम आता है एक दिन में उसका 50% अपने जीएसटी में खर्चा ज्यादा होगा क्योंकि जीएसटी में तो भारत के हर हालत बिगड़ चुके हैं
इसलिए भारत सरकार को भी फैसला लेना होगा कि हर व्यक्ति के लिए जैसे सही रहे हैं जिन लोगों के लिए सही है उन लोगों का जीएसटी बढ़कर आम जनता का जीएसटी कम कर त्याग मुझे तो अच्छा होगा धन्यवाद
